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IIT से पढ़ाई, SSB में नौकरी और फिर दिल्ली पुलिस में ACP… जानिए कौन हैं मनस्वी वशिष्ठ

ACP Manasvi Vashishth: दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ इन दिनों चर्चा में हैं. गृह मंत्रालय ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद दो पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए थे. इन ट्रांसफर के विरोध में मनस्वी वशिष्ठ समेत 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था. मनस्वी भी उन दो अधिकारियों में शामिल थे, जिनका ट्रांसफर किया गया था.

हालांकि मनस्वी की पहचान सिर्फ इस विवाद तक सीमित नहीं है. वह IIT खड़गपुर से पढ़ाई कर चुके हैं. उन्होंने सशस्त्र सीमा बल (SSB) में सेवा दी और दानिक्स अधिकारी के तौर पर दिल्ली पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. आइए जानते हैं कौन हैं मनस्वी वशिष्ठ और कैसा रहा उनका अब तक का सफर….

IIT खड़गपुर से की पढ़ाई

मनस्वी वशिष्ठ का जन्म राजस्थान के जयपुर में हुआ. उनका परिवार डॉक्टरों का है. उन्होंने पारंपरिक करियर से अलग इंजीनियरिंग की राह चुनी. साल 2009 से 2013 के बीच उन्होंने IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सरकारी सेवा में जाने का फैसला किया.

साल 2016 में वह सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुए. यहां वह करीब चार साल तक रहे. इस दौरान उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे राज्यों में रही. सुरक्षा बल में काम करने के अनुभव ने उन्हें पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकियों को समझने का मौका दिया.

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SSB में सेवा देने के बाद मनस्वी वशिष्ठ DANIPS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स पुलिस सर्विस) में शामिल हुए. वह 2019 बैच के अधिकारी हैं. शुरुआती ट्रेनिंग और पोस्टिंग दिल्ली में पूरी करने के बाद साल 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कर दिया गया. वहां उन्होंने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के तौर पर काम किया. इस दौरान उनकी तैनाती डिगलीपुर और हैवलॉक में रही. दिसंबर 2024 में वह वापस दिल्ली लौट आए. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस विभाग की अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं.

ACP गांधी नगर के पद पर भी किया काम

दिल्ली लौटने के बाद मनस्वी वशिष्ठ को अलग-अलग पदों पर तैनात किया गया. दिसंबर 2025 में उन्हें गांधी नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) बनाया गया. उन्होंने करीब तीन महीने तक इस पद पर काम किया. इसके बाद मार्च 2026 में एक बार फिर उन्हें ACP गांधी नगर की जिम्मेदारी सौंपी गई. उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सुरक्षा टीम में शामिल होना रही. उन्होंने धनखड़ के उपराष्ट्रपति रहने के दौरान उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के तौर पर भी काम किया.

23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई थी. इस घटना के बाद दो पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया. मनस्वी वशिष्ठ भी इन अधिकारियों में शामिल थे. ट्रांसफर के विरोध में वह पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे. उनके साथ 100 से अधिक पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थे. इस प्रदर्शन के कुछ घंटे बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें सस्पेंड कर दिया.

सस्पेंशन के बाद बोले- मैं कमजोर नहीं, मजबूत हुआ

सस्पेंशन के बाद मनस्वी वशिष्ठ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”मैं आहत नहीं हुआ हूं, मजबूत हुआ हूं. देश का कानून चलेगा और न्याय होगा.” वहीं गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, सस्पेंशन की अवधि में उनका मुख्यालय दिल्ली रहेगा. सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. इस दौरान उन्हें नियमानुसार आधे वेतन के आधार पर गुजारा भत्ता और पात्रता के अनुसार महंगाई भत्ता दिया जाएगा.

मनस्वी वशिष्ठ के परिवार में कौन-कौन?

बता दें कि मनस्वी वशिष्ठ शादीशुदा हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं. उनकी बड़ी संतान तीन साल की और छोटी संतान छह महीने की है. IIT से इंजीनियरिंग, SSB में सेवा और फिर दिल्ली पुलिस में ACP तक का उनका सफर उन्हें चर्चा में लेकर आया है. फिलहाल उनका सस्पेंशन और उसके पीछे की कार्रवाई सुर्खियों में है.

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