शिक्षा

तिरुक्कुरल ज्ञान को जानने का मौका, 10,000 रुपये की इंटर्नशिप भी मिलेगी, रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू

शिक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित काशी तमिल संगमम 5.0 के तहत स्टूडेंट्स को प्राचीन तमिल साहित्य की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल को पढ़ने और समझने का अवसर मिलेगा. इस प्रोग्राम की थीम थिरुक्कुरल पायिलवोम यानी आइए तिरुक्कुरल का अध्ययन करें रखी गई है. इसके लिए देशभर के 1,000 उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) के माध्यम से छात्रों को इंटर्नशिप दी जाएगी. चयनित प्रत्येक छात्र को 10,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा. इस प्रोग्राम का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, साहित्य, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है. संस्थान इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

काशी तमिल संगमम 5.0 के अंतर्गत देशभर के 1,000 उच्च शिक्षा संस्थानों को शामिल करने की योजना है. प्रत्येक चयनित संस्थान एक छात्र को इंटर्नशिप के लिए चुनेगा. इस तरह कुल 1,000 छात्रों को प्रोग्राम में भाग लेने का मौका मिलेगा. इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को तिरुक्कुरल की स्टडी और उससे जुड़े विषयों को समझने का मौका मिलेगा. चयनित प्रत्येक छात्र को 10,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा.

22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है तिरुक्कुरल

तिरुक्कुरल तमिल साहित्य का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है. इसमें नैतिकता, सामाजिक जीवन और दर्शन से जुड़े विचार दिए गए हैं. इस प्रोग्राम के माध्यम से छात्र तिरुक्कुरल की स्टडी अंग्रेजी और आठवीं अनुसूची की 22 भारतीय भाषाओं में कर सकेंगे. इसका उद्देश्य भारतीय साहित्य और भाषाओं के प्रति छात्रों के इंटरेस्ट को बढ़ाना है.

तमिलनाडु से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की यात्रा

प्रोग्राम के तहत तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागियों को समूहों में बांटकर आठ दिवसीय यात्रा पर ले जाने की योजना है. इस दौरान प्रतिभागी वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जाएंगे. यात्रा में एजुकेशनल एक्टिविटीज के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों को भी शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य तमिलनाडु और उत्तर भारत के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है.

ऑनलाइन पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन

इस कार्यक्रम के लिए उच्च शिक्षा संस्थान काशी तमिल संगमम 5.0 के तिरुक्कुरल पायिलवोम पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. पोर्टल पर प्रोग्राम से जुड़ी जानकारी और स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा डिजिटल संसाधनों, मल्टीलिंगुअल ऐप और सार्वजनिक स्थानों पर तिरुक्कुरल के दोहों के प्रदर्शन के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा. काशी तमिल संगमम 5.0 का आयोजन 28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित है. यह पहल छात्रों को भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर देगी.

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