ACP मनस्वी वशिष्ठ दानिक्स कैडर के हैं अधिकारी, जाने इसमें शामिल होने के लिए कौन सा एग्जाम देना पड़ता है

ACP Manasvi Vashistha Profile: दिल्ली पुलिस इन दिनों चर्चा में है. उससे भी अधिक ACP मनस्वी वशिष्ठ चर्चा में है. बीते रोज मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस के जवानों ने पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन किया था. ये प्रदर्शन ACP मनस्वी वशिष्ठ समेत एक SHO के ट्रांसफर के विरोध में था. पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन के बाद गृह मंत्रालय ने ACP मनस्वी वशिष्ठ को निलंंबित कर दिया है. इसके बाद से ACP मनस्वी वशिष्ठ के बारे में जानने के लिए लोग उत्साहित हैं. इसी कड़ी में अभी तक ये सामने आया है कि ACP मनस्वी वशिष्ठ दानिक्स कैडर के अधिकारी हैं.
आइए, इसी कड़ी में जानते हैं कि ये दानिक्स कैडर क्या है. जानते हैं कि दानिक्स कैडर में कैसे शामिल हुआ जा सकता है. मसलन, कौन सा एग्जाम देना पड़ता है. कुल जमा समझें तो इसमें अब ACP मनस्वी वशिष्ठ की यूपीएससी CSE रैंक के बारे में जानेंगे.
क्या है दानिक्स कैडर?
प्रशासनिक सेवाओं के लिए निर्धारित अन्य राज्य कैडरों की तरह ही दानिक्स कैडर भी बनाया गया है. दानिक्स कैडर मुख्य तौर पर कुछ केंद्र शासित प्रदेशों की प्राशसनिक सेवाओं के लिए बनाया गया कैडर है. मुख्य तौर पर इसका नाम DANIPS, जिसे हिंदी में आम बोल चाल की भाषा में दानिक्स कहा जाता है. इसमें D का मतलब दिल्ली है तो वहीं ANI का मतलब अंडमान एंड निकोबार आइसलैंड है. तो वहीं PS का मतलब पुलिस सर्विस है. यानी की दिल्ली अंडमान एंड निकोबार आइसलैंड पुलिस सर्विस (DANIPS) इसका पूरा नाम है. हालांकि इसमें दमन दीव, लक्षदीप जैसे अन्य केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं. दानिक्स कैडर देश का सबसे पुरान प्रशासनिक कैडर है, जो ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1857 में हुए भारतीय विद्रो के बाद स्थापित किया था. आजादी के बाद 1980 में केद्र शासित प्रदेशों के लिए इसे लागू किया गया है.
दानिक्स कैडरग्रुपी B पोस्ट, UPSC CSE व प्रमोशन से इसमें होते हैं शामिल
दानिक्स कैडर के माध्मय से कैसे केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक अधिकारी बना जा सकता है? आइए, इस सवाल का जवाब खोजते हैं. असल में दानिक्स कैडर में ग्रुप B रैंक के अधिकारियों को तैनात किया जाता है. तो वहीं दानिक्स कैडर में UPSC CSE और प्रमोशन के माध्यम से शामिल हुआ जा सकता है.
असल में UPSC की तरफ से हर साल सिविल सर्विस एग्जाम (CSE) आयोजित किया जाता है. इसमें टॉप की रैंक पाने वाले कैंडिडेट्स IAS, IPS के तौर पर सिलेक्ट होते हैं और ग्रुप A में शामिल होते हैं. वहीं UPSC CSE में कम रैंक पाने वाले कैंडिडेट्स अपनी वरियता के आधार पर दानिक्स कैडर में शामिल हो सकते हैं, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल और प्रशासन में अधिकारी के तौर पर काम करने का मौका मिलता है.
वहीं दानिक्स कैडर में शामिल होने का दूसरा रास्ता प्रमोशन से जुड़ा है. केंद्रशासित प्रदेशों में नाॅन कमीशन रैंक में भर्ती हुए कर्मियों को प्रमोशन के बाद दानिक्स कैडर में शामिल किया जा सकता है. ये प्रमोशन वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर मिलता है.
UPSC CSE में मनस्वी वशिष्ठ की कितनी रैंक?
दिल्ली पुलिस में ACP मनस्वी वशिष्ठ UPSC CSE के माध्यम से दानिक्स कैडर में शामिल हुए हैं. असल में वह UPSE CSE 2018 बैच के पास आउट है. उन्हें UPSE CSE में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 344 मिली, जिसके बाद उन्हें दानिक्स कैडर के वरियता के तौर पर चुना और दिल्ली पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं. हालांकि अभी उनको निलंबित किया गया है.




