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Agniveer: अग्निवीरों को मिला 2 साल का सेवा विस्तार, कितनी बढ़ेगी सैलरी, रिटायरमेंट के बाद कितनी रकम मिलेगी?

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को बड़ा ताेहफा दिया है. अग्निवीरों का पहला बैच 23 नवंबर को सेवा मुक्त होने जा रहा था, इससे पहले अग्निवीरों को 2 साल का सेवा विस्तार देने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया है. नई व्यवस्था के तहत चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवसर देने का फैसला किया गया है. इससे उनका कुल कार्यकाल छह साल हो सकता है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि कैबिनेट ने अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा देने की व्यवस्था को मंजूरी दी है.

आइए, इसी कड़ी में जानते हैं कि क्या 6 साल तक नौकरी करना अनिवार्य होगा. जानेंगे कि सेवा विस्तार के बाद अग्निवीरों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी. जानेंगे कि 6 साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को कितना पैसा दिया जाएगा.

4 साल की सेवा के बाद मुक्त हो सकते हैं अग्निवीर

केंद्र सरकार ने सुनिश्चित किया है कि 4 साल की सेवा अवधि पूरी होने अग्निवीर अगर चाहें तो वह सेवामुक्त हो सकते हैं. मसलन, अग्निवीरों के लिए 6 साल की सेवा अवधि को अनिवार्य नहीं किया गया है. अगर अग्निवीर चाहें तो वह 4 साल के बाद सेवा से मुक्त हो सकते हैं. अगर 4 साल की सेवा अवधि के बाद अग्निवीर सेवा विस्तार की सहमति जताते हैं तो उन्हें 2 साल का सेवा विस्तार मिलेगा.

4 साल में रिटायर होने वाले अग्निवीरों को कितना पैसा मिलेगा?

अग्निपथ योजना के तहत 4 साल बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि के लिए कटने वाला पैसा एक साथ मिलेगा. सेवा निधि में कटने वाली राशि 5.2 लाख रुपये होगी. इसमें सरकार अपनी ओर से भी लगभग इतनी ही राशि जमा करेगी. इसके अलावा सेवा निधि में सरकार ब्याज का भी भुगतान करती है. 4 साल की सेवा अवधि के बाद निधि पैकेज के रुप में अग्निवीरों 11.71 लाख रुपये दिया जाएगा.

छह साल की सेवा पर कितना मिलेगा पैसा?

मौजूदा व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाता है.अग्निवीरों को उनकी सेवा अवधि के दौरान हर साल बढ़ी हुई सैलरी दी जाती है. पहले चार साल के लिए वेतन का एक निश्चित ढांचा है, जिसमें कुल पैकेज का 70 प्रतिशत हिस्सा हर महीने सैलरी के रूप में मिलता है, जबकि 30 प्रतिशत राशि सेवानीधि फंड में जमा होती है. अब अगर किसी अग्निवीर को छठे साल तक सेवा करने का अवसर मिलता है तो उसकी सैलरी और सेवानीधि में जमा होने वाली रकम भी बढ़ जाएगी. दिए गए वेतन विवरण के अनुसार, छह साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को हर महीने अलग-अलग राशि मिलेगी. इस आधार पर छह साल में सेवानीधि फंड में जमा होने वाली रकम का हिसाब समझ सकते हैं.

अब महीना कितना मिलेगा वेतन?

अग्निवीरों की सैलरी में हर साल बढ़ोतरी का नियम है. अभी तक 4 साल जो सैलरी देने का नियम निर्धारित उसके हिसाब से 10 परसेंट सालाना बढ़ोतरी की जाती है. ऐसे में समझें तो चौथे साल मिलने वाली सैलरी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद उन्हें सैलरी दी जाएगी. इसी तरह पांचवे साल के लिए निर्धारित सैलरी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद उन्हें छठे साल की सैलरी दी जाएगी. आइए, साल दर साल निर्धारित सैलरी का नियम जानते हैं.

पहले साल: अग्निवीरों को पहले साल कुल 30,000 रुपये प्रति माह दी जाती है. इसमें इन-हैंड सैलरी 21,000 रुपये (70 फीसदी) होती है तो वहीं सेवानीधि में 9,000 रुपये(30 फीसदी) की कटौती की जाती है.

दूसरा साल: अग्निवीरों को दूसरे साल 10 फीसदी बढ़ोतरी के बाद 33,000 रुपये प्रति माह की सैलरी दी जाती है. इसमें इन-हैंड सैलरी 23,100 रुपये (70 फीसदी) और सेवानीधि में 9,900 रुपये (30 फीसदी) जमा किए जाते हैं.

तीसरा साल: अग्निवीरों को तीसरे साल 10 फीसदी बढ़ोतरी के बाद कुल 36,500 रुपये प्रति माह की सैलरी दी जाती है. इसमें इन-हैंड सैलरी 25,550 रुपये (70 फीसदी) और सेवानीधि में 10,950 रुपये (30 फीसदी) जमा किए जाते हैं.

चौथा साल: अग्निवीरों को चौथे साल 10 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 40,000 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाती है. इसमें इन-हैंड सैलरी 28,000 रुपये (70 फीसदी) और सेवानीधि में 12,000 रुपये (30 फीसदी) जमा किए जाते हैं.

पांचवे साल: 10 फीसदी सालाना सैलरी बढ़ाेतरी के नियम के अनुसार पांचवे साल अग्निवीरों की सैलरी 44,000 मासिक हो सकती है. इसमें से 30,800 रुपये (70 फीसदी) मासिक इन-हैंड सैलरी मिलेगी, जबकि 13,200 रुपये (30 फीसदी) सेवानीधि फंड में जमा होंगे.

छठे साल: इसी तरह छठे साल 10 फीसदी बढ़ो़तरी के साथ अग्निवीरों का मासिक पैकेज 48,500 रुपये हो सकता है. इसमें 33,950 रुपये (70 फीसदी) इन-हैंड सैलरी के तौर पर मिलेंगे और 14,550 रुपये (30 फीसदी) सेवानीधि फंड में जमा होंगे.

छह साल में सेवानीधि फंड में कितनी रकम जमा होगी?

4 साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीरों को रिटायरमेंट के समय सेवा निधि के तौर पर 11.71 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है. इसमें से 5.2 लाख रुपये अग्निवीरों की सैलरी (30 फीसदी) से काटे जाते हैं. तो वहीं 5.2 लाख रुपये सरकार की तरफ से जमा किए जाने हैं. बाकी ब्याज की रकम है. दो साल का सेवा विस्तार मिलने के बाद पांचवे साल अग्निवीरों की सैलरी से सेवा निधि में 30 फीसदी की जो कटौती होगी, वह सालाना 1,58,400 रुपये होगी, इसी तरह छठे साल में 1,74,600 रुपये सेवा निधि के तौर पर अग्निवीरों की सैलरी से काटे जाएंगे. इस तरह दोनाें साल कुल 3,33,000 रुपये सेवानीधि फंड में जमा होंगे. नियमानुसार इतने ही रुपये सरकार की तरफ से जमा किए जाएंगे. इस तरह दो साल में 6,66,000 रुपये के सेवानिधि फंड में बढ़ोतरी होगी. ब्याज समेत ये रकम 8 लाख तक हो सकती है. इस तरह 6 साल की सेवा के बाद रिटारयमेंट होने वाले अग्निवीरों को 19 लाख रुपये से अधिक तक मिल सकते हैं.

नियमित सेना में भर्ती का भी मिलेगा मौका

मौजूदा नियमों के तहत चार साल की सेवा के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन, पात्रता और सेना की जरूरतों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है. नई व्यवस्था में अतिरिक्त दो साल सेवा देने वाले अग्निवीरों को भी आगे नियमित सेना में भर्ती होने का अवसर मिल सकता है. इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन मानदंड पूरे करने होंगे.

कब हुई थी अग्निपथ योजना की शुरुआत?

अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी. इस योजना के तहत अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाता है. चार साल के अनुभव और प्रदर्शन से मिले फीडबैक के आधार पर यह बदलाव किया गया है.

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