अजब-गजब

गंदे मोजों में छिपाकर ले जा रहे थे 3000 मकड़ियां! सूटकेस खुला तो हिलने लगे कपड़े, पुलिस के भी उड़े होश

एयरपोर्ट पर कभी सोना, कभी ड्रग्स पकड़ा जाता है, लेकिन इस बार जो पकड़ा गया, उसे देखकर तो पुलिस वालों के भी होश उड़ गए. सूटकेस खोला गया तो अंदर से कपड़े नहीं, बल्कि 3000 जिंदा टारेंटुला निकले.

लीमा एयरपोर्ट पर 3 सूटकेस से निकले 3000 टारेंटुला

ये मामला पेरू की राजधानी लीमा के जॉर्ज शावेज एयरपोर्ट (Jorge Chavez International Airport) का है. यहां 3 नवंबर को 3 लोग जर्मनी जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए चेक-इन कर रहे थे. पुलिस को पहले से ही खबर मिली थी कि कोई जंगली जानवरों की तस्करी करने वाला है. इसी पर SERFOR यानी पेरू की वन और वन्यजीव विभाग और एनवायरनमेंटल क्राइम पुलिस की नजर थी.

रूटीन चेकिंग में सूटकेस के अंदर दिखी हलचल

जब उन 3 यात्रियों के सूटकेस की रूटीन चेकिंग हुई, तो अधिकारियों को अंदर कुछ अजीब हलचल दिखी. सूटकेस खोलते ही सब हैरान रह गए. तीनों सूटकेस में 15 से 22 गंदे मोजे भरे थे और हर मोजे के अंदर प्लास्टिक के छोटे डिब्बों में टारेंटुला छिपाए गए थे.

मोजे में अंडे से लेकर बड़े टारेंटुला तक

पकड़े गए टारेंटुला सब एक जैसे नहीं थे. इनमें अंडे भी थे, छोटे बच्चे भी थे और बड़े टारेंटुला भी थे. ये पेरू के अलग-अलग जगहों से पकड़े गए थे. इनमें अमेजन के जंगल वाले कुछ बहुत बड़े टारेंटुला भी थे. इनमें से एक नस्ल ऐसी है, जो खतरे में है और जिसको पकड़ना या बेचना गैरकानूनी है.

जर्मनी ले जा रहे थे मकड़ियां

पकड़े गए 3 लोगों में 2 जर्मन नागरिक और 1 पोलिश नागरिक है. तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. अब इनके खिलाफ आपराधिक केस चलेगा. पेरू के कानून के मुताबिक, अगर ये दोषी पाए गए तो इन्हें 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है.

एक टारेंटुला की कीमत 500 यूरो

आखिर मकड़ियों की तस्करी क्यों की जा रही थी? वजह सिर्फ पैसा है. SERFOR की अधिकारी कोरा सुआरेज (Cora Suarez) ने बताया कि यूरोप में एक टारेंटुला करीब 500 यूरो यानी करीब 50 हजार रुपए में बिकता है. इनको शौक के लिए पालने वाले लोग, कलेक्टर और रिसर्च वाले खरीदते हैं. अब 3000 टारेंटुला का हिसाब लगाओ तो ये करोड़ों का सौदा था.

अब पकड़े गए टारेंटुला का क्या होगा?

सभी 3000 टारेंटुला को SERFOR ने अपने पास रख लिया है. इनकी देखभाल की जा रही है. जांच के बाद इन्हें वापस इनके जंगल में छोड़ दिया जाएगा.

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

ये पहला मामला नहीं है. इसी साल अगस्त में टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर एक 23 साल के लड़के को पकड़ा गया था. वो 22 जोड़ी मोजों में 200 छिपकलियां छिपाकर ले जा रहा था.

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