कैसे काम करती है कार्ड की Tap & Pay सर्विस, कॉन्टैक्टलेस पेमेंट में किन बातों का रखें ध्यान?

आज के समय में फास्ट पेमेंट के तरीके तेजी से बदल रहे हैं. पहले ज्यादातर लोग कैश से पेमेंट करते थे, फिर डेबिट और क्रेडिट कार्ड का जमाना आया और अब UPI का चलन बढ़ गया है. लेकिन आज भी कई लोग दुकानों और शॉपिंग मॉल में कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं. पहले कार्ड को मशीन में स्वाइप करना पड़ता था और फिर PIN डालना होता था. लेकिन अब सिर्फ कार्ड को मशीन के पास ले जाने से पेमेंट हो जाता है. इस सुविधा को Tap & Pay या कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कहते हैं.
इस तकनीक की मदद से कुछ ही सेकेंड में पेमेंट पूरा हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना कार्ड स्वाइप किए और बिना PIN डाले खाते से पैसे कैसे कट जाते हैं? क्या इस तरीके से पेमेंट करना सुरक्षित है? क्या कोई व्यक्ति आपकी जेब में रखे कार्ड से भी पैसे निकाल सकता है? आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कार्ड की Tap & Pay सर्विस कैसे काम करती है और इसका इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
क्या है कार्ड की Tap & Pay सर्विस?
Tap & Pay एक ऐसी सुविधा है, जिसकी मदद से आप बिना कार्ड को मशीन में डाले पेमेंट कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपना डेबिट या क्रेडिट कार्ड दुकानदार की पेमेंट मशीन यानी POS के पास ले जाना होता है. मशीन कार्ड को पहचान लेती है और कुछ ही सेकेंड में पेमेंट पूरा हो जाता है.
इस सुविधा को कॉन्टैक्टलेस पेमेंट भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें कार्ड को मशीन से छूने या उसमें डालने की जरूरत नहीं होती. अगर आपके कार्ड पर वाई-फाई जैसा एक निशान बना है, तो इसका मतलब है कि आपका कार्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को सपोर्ट करता है.
NFC तकनीक से कैसे होता है पेमेंट?
Tap & Pay सर्विस के पीछे NFC यानी नियर फील्ड कम्युनिकेशन तकनीक काम करती है. यह तकनीक कम दूरी पर दो डिवाइस के बीच जानकारी भेजने का काम करती है. यह ब्लूटूथ जैसी वायरलेस तकनीक है, लेकिन इसकी काम करने की दूरी बहुत कम होती है. आपके कॉन्टैक्टलेस कार्ड के अंदर एक छोटी चिप और एंटीना लगा होता है. जब दुकानदार अपनी POS मशीन में पेमेंट की रकम डालकर उसे एक्टिव करता है, तो मशीन रेडियो सिग्नल भेजती है.
जैसे ही आप कार्ड को मशीन से करीब 2 से 4 सेंटीमीटर की दूरी पर लाते हैं, कार्ड का एंटीना इन सिग्नल को पकड़ लेता है. इसके बाद कार्ड की चिप एक्टिव हो जाती है और मशीन के साथ जरूरी जानकारी शेयर करती है. इस तरह बिना कार्ड को स्वाइप किए पेमेंट की प्रोसेस शुरू हो जाती है.
Tap & Pay इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- पेमेंट हमेशा अपनी नजरों के सामने करवाएं.
- हर ट्रांजैक्शन के बाद आए SMS या ऐप नोटिफिकेशन को देखें.
- कार्ड टैप करने से पहले मशीन पर लिखी रकम जरूर देख लें
- कार्ड गुम होने या चोरी होने पर बैंक को सूचना दें
- बैंक के मोबाइल ऐप में उपलब्ध विकल्पों से कॉन्टैक्टलेस पेमेंट की लिमिट कम कर सकते हैं.
- जरूरत न होने पर सर्विस बंद करें
बिना PIN डाले कैसे कट जाते हैं पैसे?
कई लोगों को लगता है कि बिना PIN डाले पेमेंट करना सुरक्षित नहीं है. लेकिन इस सिस्टम में सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाता है. हर ट्रांजैक्शन के लिए कार्ड एक अलग सेफ्टी कोड जनरेट करता है. इसे एक बार इस्तेमाल होने वाला कोड कहा जा सकता है. यह कोड पेमेंट मशीन के जरिए बैंक तक पहुंचता है. बैंक का सिस्टम चेक करता है कि ट्रांजैक्शन सही है या नहीं और खाते में पर्याप्त पैसे हैं या नहीं. सब कुछ सही होने पर बैंक पेमेंट की मंजूरी दे देता है. इसके बाद मशीन से बीप की आवाज आती है और खाते से पैसे कट जाते हैं.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, भारत में कॉन्टैक्टलेस कार्ड से 5,000 रुपये तक के पेमेंट के लिए आमतौर पर PIN डालने की जरूरत नहीं होती. इससे ज्यादा रकम के पेमेंट के लिए कार्ड टैप करने के बाद PIN डालना जरूरी होता है.
क्या जेब में रखे कार्ड से चोरी हो सकते हैं पैसे?
कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि कोई व्यक्ति मशीन को आपकी जेब के पास ले जाकर पैसे निकाल सकता है. हालांकि, ऐसा करना आसान नहीं है. NFC तकनीक बहुत कम दूरी पर काम करती है. इसके लिए कार्ड और मशीन का एक-दूसरे के काफी करीब होना जरूरी है. इसके अलावा हर पेमेंट के लिए बैंक की मंजूरी भी जरूरी होती है. पेमेंट मशीन भी रजिस्टर्ड मर्चेंट के बैंक खाते से जुड़ी होती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है. अपने कार्ड की सुरक्षा के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
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