लखनऊ विश्वविद्यालय में स्मार्ट और सतत शहरों पर कार्यशाला, विशेषज्ञों ने रखा रोडमैप
लखनऊ विश्वविद्यालय में ‘लचीले, स्मार्ट एवं सतत शहरों’ पर कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण
लखनऊ, 03 नवंबर 2026: लखनऊ विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग ने अटल सुशासन पीठ के अंतर्गत “लचीले, स्मार्ट एवं सतत शहरों की राहें” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम वी.के.एन. मेनन हॉल में कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के संरक्षण में आयोजितहुआ।
कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, शहरी विकास विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भारत के शहरी भविष्य पर मंथन किया। उद्घाटन सत्र का संचालन कौशांबी तोमर ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा और सम्मानित अतिथि के रूप में अधिष्ठाता छात्र कल्याण अमिता कनौजिया मौजूद रहीं।
स्वागत संबोधन में विभागाध्यक्ष वैशाली सक्सेना ने एकीकृत नियोजन, संस्थागत समन्वय और जन-भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता अनुज कुमार झा ने सतत शहरी परिवर्तन के तीन स्तंभ गिनाए – कानूनी ढांचे को मजबूत करना, संसाधन दक्षता और औद्योगिक सहजीवन को बढ़ावा देना और उत्तरदायी नागरिकता। उन्होंने चक्रीय अर्थव्यवस्था पर जोर दिया।
अमिता कनौजिया ने स्वदेशी वृक्षारोपण, विशेषकर बरगद, हरित गलियारों, कागज-रहित कार्यप्रणाली और जल के समुचित उपयोग को जरूरी बताया।
चार तकनीकी सत्र हुए आयोजित:
प्रथम सत्र – स्मार्ट, सतत एवं लचीले शहर:* वक्ता पी.के. श्रीवास्तव रहे। पैनल में मोनोवर आलम खालिद और ए.के. सिंह ने विचार रखे।
द्वितीय सत्र – एकीकृत शहरी नियोजन एवं स्मार्ट गवर्नेंस:* वक्ता हिमांशु चंद्रा रहे। पैनल में पंचानन मिश्रा और नंदिता कौशल शामिल रहीं।
तृतीय सत्र – नीले-हरित अवसंरचना से जलवायु-लचीले शहर:* वक्ता वेंकटेश दत्ता रहे। पैनल में ध्रुवसेन सिंह और अलका सिंह ने चर्चा की।
चतुर्थ सत्र – शहरों में सतत अपशिष्ट प्रबंधन:* वक्ता संजीव प्रधान रहे। पैनल में नसरुद्दीन और सुशील सिंह चौहान मौजूद रहे।
कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में आयशा जहीर, अमित कुमार, फैसल अंसारी, गजेंद्र कुमार की अहम भूमिका रही। समापन पर एस.एस. चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


