NEET UG 2027 का आयोजन CBT मोड में कराने की योजना टल सकती है, कई राज्यों में हो रहा विरोध…

NEET UG 2027: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एकेडमिक सेशन 2027-28 में एडमिशन के लिए आयोजित की जाने वाले एंट्रेंस टेस्ट की तैयारियां तेज कर दी है. इसी कड़ी में NTA ने जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 समेत कई एंट्रेंस एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके साथ ही कैंडिडेट्स को नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (NEET) UG 2027 के शेड्यूल जारी होने का इंतजार है. जैसे की माना जा रहा है कि NEET UG 2027 का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया जाना है. तो ऐसे में फरवरी में NEET UG 2027 का शेड्यूल जारी हो सकता है. इस बीच सामने आया है कि NEET UG 2027 का आयोजन CBT मोड में कराने की योजना टल सकती है. मसलन, इस पर संशय के बादल मंडराए हुए है. इसका कारण साउथ इंडिया में विरोध को माना जा रहा है.
आइए, विस्तार से पूरा मामला समझते हैं. NEET UG 2027 का आयोजन CBT मोड में कराने को लेकर जारी प्रोसेस के बारे में जानते हैं. जानते हैं कि साउथ इंडिया के कौन से राज्य इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. साथ ही जानेंगे कि क्यों इसका विराेध कर रहे हैं.
NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद CBT मोड को लेकर घोषणा
NEET UG 2026 पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद बड़े स्तर पर बदलाव की कवायद शुरू हुई थी. इसी कड़ी में NTA में कई बदलाव किए गए हैं तो वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NEET UG का प्रारूप में बदलाव की घोषणा की थी, जिसके तहत NEET UG 2027 का आयोजन CBT मोड में कराने की घोषणा की थी. अभी तक NEET UG पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की जाती है.
नीलेकणि कमेटी को जनवरी 2027 तक सौंपनी है रिपोर्ट
NEET UG 2026 पेपर लीक के बाद दिल्ली में आंदोलन शुरू हुआ था. इसी कड़ी में परीक्षा सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में नेशनल टाॅस्क फोर्स गठित की है, जो एक 7 सदस्यीय कमेटी है. यह कमेटी इस संबंध में काम कर रही है, जिसे अभी तक 50 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं. पूर्व में इस कमेटी को अक्टूबर 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन कमेटी को सेवा विस्तार दिया गया है, जो अब जनवरी 2027 तक अपने सुझाव एक रिपोर्ट के तौर पर सौंपेगी. कमेटी पर NEET UG का आयोजन CBT मोड में कराने की रूपरेखा तैयार करना है.
NEET UG के CBT मोड का साउथ के राज्य कर रहे विरोध
द टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसान NEET UG के CBT मोड का साउथ के राज्य विरोध कर रहे हैं, जिसमें केरल और तमिलनाडु प्रमुख तौर पर शामिल हैं. ये दोनों का विरोध राज्य ग्रामीण परिवेशन के कैंडिडेट्स पर CBT के प्रभाव और स्कूल बोर्ड के नंबरों को अधिक महत्व देने की आवश्यकता पर केंद्रित हैं. विरोध में विभिन्न राज्य शैक्षणिक बोर्डों के बीच समानता लाने की जरूरत पर भी जोर रहे दिया जा रहा है.
नीलेकणि कमेटी की सिफारिशें दो हिस्सों में बंटी
द टाईम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार NEET UG परीक्षा सुधार को लेकर जारी पहल का केरल और तमिलनाडु जैसे राज्य विरोध कर रहे हैं. इसमें एक हिस्से को 2027 से लागू किया जा सकता है. तो वहीं दूसरे हिस्से को लागू करने में समय लग सकता है. रिपोर्ट के अनुसार कुल जमा विराेध की वजह से NEET UG 2027 का आयोजन CBT मोड में कराने की योजना टल सकती है. हालांकि NEET UG का आयोजन CBT मोड में करान ही कमेटी का लक्ष्य है, जिससे कि भविष्य में NEET UG का आयोजन ‘कंप्यूटर एडेप्टिव टेस्टिंग’ (Computer Adaptive Testing) में किया जा सके.
नया प्रारूप 2028 से लागू होने की संभावनाएं
रिपोर्ट के अनुसार NEET UG का CBT में आयोजन यानी की नए प्रारूप में इसका आयोजन 2028 से संभव है. ऐसे में NEET UG 2027 का आयोजन’पेन-एंड-पेपर’ मोड में ही किया जाएगा. हालांकि रिपोर्ट ये भी रेखांकित करती है कि NEET UG 2027 का आयोजन CBT के साथ ही पेन एंड पेपर मोड में भी आयोजित किया जा सकता है. CBT मोड में JEE की तर्ज पर कई दिन तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. हालांकि इस मामले में अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी का बयान सामने नहीं आया है.




