अजब-गजब

72 साल के बुजुर्ग को थी महीनों से खांसी, डॉक्टर समझे फेफड़े का ट्यूमर…सच्चाई जान उड़ गए होश!

सोचिए, किसी को महीनों से खांसी आ रही हो और डॉक्टर कह दे कि फेफड़े में ट्यूमर है यानी कैंसर जैसी बड़ी बीमारी. ऐसे में उस इंसान और उसके घरवालों पर क्या बीतेगी? 72 साल के एक बुजुर्ग के साथ भी यही हुआ. उन्हें लगातार खांसी आ रही थी. सीने में बार-बार इन्फेक्शन हो रहा था. डॉक्टरों को लगा कि ये फेफड़े का ट्यूमर है. लेकिन जब अंदर की सच्चाई सामने आई, तो सबके होश उड़ गए.

फेफड़े में ट्यूमर का शक, CT स्कैन में दिखा ब्लॉकेज

बुजुर्ग को लंबे समय से कफ वाली खांसी आ रही थी. सांस की नली में बार-बार इन्फेक्शन हो रहा था. डॉक्टरों ने जब उनका CT स्कैन किया, तो दाहिने फेफड़े के नीचे वाली नली पूरी तरह बंद मिली. वहां सूजन भी थी. इसके बाद डॉक्टरों ने दूरबीन से अंदर देखा. वहां एक लाल रंग की सूजी हुई गांठ दिखी. इसे देखकर डॉक्टरों को लगा कि ये फेफड़े का एक दुर्लभ ट्यूमर है. स्प्रिंगर नेचर द्वारा प्रकाशित जर्नल ‘द इजिप्शियन जर्नल ऑफ ब्रोंकोलॉजी’ में यह जानकारी दी गई थी.

लेकिन गांठ के नीचे से निकला दांत

डॉक्टरों ने उस गांठ को हटाने के लिए खास मशीन का इस्तेमाल किया. सूजन वाली जगह को साफ किया, तो अंदर एक सख्त और सफेद चीज दिखी. डॉक्टरों ने जब उसे बाहर निकाला, तो सब हैरान रह गए. वो कोई ट्यूमर नहीं था, बल्कि एक इंसान का दांत था, जो सांस की नली में गहराई तक फंसा हुआ था.

फेफड़े तक कैसे पहुंचा दांत ?

इसके बाद डॉक्टरों ने बुजुर्ग से फिर से पूछा कि पहले कभी कुछ हुआ था क्या? तब उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई. करीब तीन साल पहले वो किसी वजह से बेहोश हो गए थे. उसी दौरान उनका एक दांत टूट गया था. उस वक्त किसी को ये अंदाजा भी नहीं था कि वो टूटा हुआ दांत सांस के साथ अंदर चला गया है और फेफड़े की नली में जाकर अटक गया है.

करीब तीन साल तक वो दांत वहीं फंसा रहा. इसी वजह से लगातार जलन हो रही थी और बार-बार इन्फेक्शन हो रहा था. राहत की बात ये रही कि दांत निकलने के बाद बुजुर्ग की तबीयत तेजी से सुधर गई और वो पूरी तरह ठीक हो गए. रिसर्चर्स का कहना है कि बड़ों में कई बार सांस के साथ अंदर गई कोई चीज सालों-साल तक पकड़ में नहीं आती. वो अंदर ही अंदर ट्यूमर जैसा रूप ले लेती है.

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