Galaxy Z Fold 8 को बनाने में Samsung करती है कितनी मेहनत? टेस्टिंग में सामने आईं कई दिलचस्प बातें

फोल्डेबल स्मार्टफोन खरीदते समय लोगों के मन में अक्सर एक सवाल रहता है कि बार-बार खुलने और बंद होने वाला फोन आखिर कितना टिकाऊ होता है और टिकाऊ है भी तो कैसे हो जाता है. तो आपके ही मन के सवाल का जवाब Samsung ने अपने Galaxy Z Fold 8 को लेकर देने की कोशिश की है. कंपनी ने एक वीडियो के जरिए दिखाया है कि इस फोन बनाने में किन बातों का ध्यान रखा जाता है और ग्राहकों तक पहुंचने से पहले इसे कितने तरह के टेस्ट से गुजरना पड़ता है. Samsung ने फोन की मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ इसके क्वालिटी चेक की भी जानकारी साझा की है.
8 जनरेशन के एक्सपीरियंस से तैयार हुआ Galaxy Z Fold 8
Samsung के मुताबिक, फोल्डेबल फोन की आठ जनरेशन पर काम करने के बाद कंपनी ने Galaxy Z Fold 8 के डिजाइन और बनावट में कई बदलाव किए हैं. इसमें करीब 270 कंपोनेंट्स और 180 से ज्यादा तरह के सहायक पार्ट्स को बेहतर बनाया गया है. इन बदलावों का मकसद फोन को हल्का और पतला रखने के साथ उसकी मजबूती, डिस्प्ले, बैटरी और लंबे समय तक काम करने की कैपेसिटी को बेहतर बनाना है.
Galaxy Z Fold 8 का वजन 201g है. खुलने पर इसकी मोटाई 4.5mm और बंद होने पर 9.7mm रहती है. Samsung का कहना है कि फोन को इतना पतला और हल्का बनाने के लिए सिर्फ छोटे पार्ट्स लगाना काफी नहीं था. इसके लिए अंदरूनी डिजाइन से लेकर अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल होने वाली मैटेरियल तक पर काम किया गया.
डिस्प्ले और फ्रेम में इस्तेमाल हुए खास मैटेरियल
फोन की फोल्डिंग डिस्प्ले को मजबूती देने के लिए Samsung ने Flex Titanium का इस्तेमाल किया है. इसमें टाइटेनियम अलॉय की बेहद पतली फिल्म और एक मजबूत सपोर्ट प्लेट को मिलाया गया है. कंपनी का दावा है कि इस तकनीक से डिस्प्ले मॉड्यूल को 10 प्रतिशत पतला बनाने में मदद मिली है.
वहीं, फोन के फ्रेम में Advanced Armor Aluminum दिया गया है. इसे इस तरह तैयार किया गया है कि फोन का वजन ज्यादा बढ़ाए बिना फ्रेम को मजबूती मिले और दबाव पड़ने पर उसका आकार आसानी से न बदले.
बैटरी और हीट मैनेजमेंट पर भी काम
फोन के अंदर जगह बचने से बैटरी और हीट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए ज्यादा स्पेस मिला है. Samsung के मुताबिक, Galaxy Z Fold 8 में पहली बार silicon-carbon anode, बेहतर graphite और Independent Charging Architecture दिया गया है. कंपनी का कहना है कि नए इंटरनल डिजाइन से बड़ी बैटरी लगाने और गर्मी को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है.
100 से ज्यादा टेस्ट से गुजरता है फोन
Samsung ने दूसरे वीडियो में फोन की ऑटोमैटिक क्वालिटी टेस्टिंग भी दिखाई है. कंपनी के मुताबिक, Galaxy Z सीरीज के फोन 100 से ज्यादा तरह के टेस्ट से गुजरते हैं. इनमें बार-बार फोन को खोलना और बंद करना, गिरने या झटके लगने का असर, दबाव और धूल जैसे कणों से जुड़ी जांच शामिल हैं. इन टेस्ट का मकसद यह देखना है कि रोजाना इस्तेमाल के दौरान फोन की डिस्प्ले, हिंज और दूसरे हिस्से लंबे समय तक ठीक से काम करते रहें.
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