पटाखों से जलने या अन्य कोई इमरजेंसी होने पर डायल करें 108, एक कॉल पर पहुंचेगी एम्बुलेंस

पटाखों से जलने या अन्य कोई इमरजेंसी होने पर डायल करें 108, एक कॉल पर पहुंचेगी एम्बुलेंस
दिवाली के मौके पर 24 घंटे मरीजों को सेवा देने के लिए उपलब्ध रहेंगी 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाएं
लखनऊ। दिवाली के मौके पर किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए प्रदेश की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाएं 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहेंगी। एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्था ने सभी एम्बुलेंसों को मुस्तैद रहने और आवश्यकता पड़ने पर जल्द से जल्द पीड़ित तक जीवनरक्षक सेवा पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में 108 नंबर पर कॉल करके इस निःशुल्क सेवा का लाभ ले सकता है।
उत्तर प्रदेश में 108 एवं 102 एम्बुलेंस का संचालन करने वाली संस्था ईएमआरआई (EMRI) ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी ने बताया कि दिवाली पर 108 सेवा की सभी 2,200 एम्बुलेंस 24 घंटे तैयार रहेंगी। उन्होंने बताया कि पुलिस व प्रशासन के सहयोग से एम्बुलेंसों को ऐसी ‘हॉटस्पॉट’ लोकेशंस पर खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से घटना की सूचना मिलने पर वे जल्द से जल्द मरीजों तक पहुंच सकें। सभी एम्बुलेंसों में जीवनरक्षक दवाओं की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
जीवनरक्षक दवाओं और प्रशिक्षित स्टाफ से लैस
दीपावली के दौरान सड़क दुर्घटना, पटाखों से जलने, हार्ट अटैक, सांस लेने में तकलीफ या अन्य किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत 108 डायल करें। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल स्टाफ (EMT) और जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचेगी और मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाएगी।
जलने पर क्या करें?
दिवाली पर पटाखों या दीयों से जलने का खतरा बना रहता है। ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के ईएमएलसी हेड डॉ. दाउद हुसामी ने बताया कि पटाखों या अन्य कारण से जलने पर प्रभावित अंग पर सादा या नल का पानी लगातार 15 मिनट तक डालें। आइस या बर्फ का इस्तेमाल न करें। जले हुए हिस्से पर कोई पट्टी या कसकर कपड़ा न बांधें; बस उसे किसी साफ और हल्के कपड़े से कवर कर लें। जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, हल्दी, नमक, स्याही या अन्य किसी भी घरेलू वस्तु का लेप हरगिज न लगाएं। पटाखें या अन्य कारण से जलने पर तुरंत 108 पर कॉल करें और अस्पताल जाकर डॉक्टर से इलाज कराएं।
महिलाओं व बच्चों के लिए 102 एम्बुलेंस
त्योहार के दौरान भी गर्भवती महिलाओं और 2 साल तक के बच्चों के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा निर्बाध रूप से 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। प्रदेश सरकार द्वारा 102 सेवा की कुल 2,270 एम्बुलेंस निःशुल्क संचालित की जा रही हैं। दोनों ही सेवाएं प्रदेश सरकार की ओर से सभी के नि:शुल्क संचालित की जा रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर 102 या 108 पर कॉल करके नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है।
इन समस्याओं के लिए तुरंत डायल करें 108 :
पटाखों से या किसी अन्य कारण से जलने पर।
सड़क दुर्घटना (Road Accident) या अन्य चोट लगने पर।
अचानक सीने में दर्द या हार्ट अटैक आने पर।
सांस लेने में तकलीफ होने पर।
पेट दर्द या अन्य कोई परेशानी होने पर।
अचानक तेज बुखार होने या बेहोश होकर गिरने पर।
जानवरों (कुत्ते/सांप आदि) के काटने पर।
कोई अन्य इमरजेंसी होने पर।



