उत्तर प्रदेश

दिवाली पर सस्ते ऑफर के लालच में न फंस जाएं आप! एक लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग और शानदार डिस्काउंट का इंतजार हर किसी को रहता है. लेकिन इसी मौके का फायदा साइबर ठग भी उठाते हैं. वे नकली वेबसाइट, फर्जी ऑफर और खतरनाक लिंक के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. कई बार जल्दबाजी में हम बिना जांच किए किसी लिंक पर क्लिक कर देते हैं और अपनी मेहनत की कमाई के साथ निजी जानकारी भी गंवा बैठते हैं. इसलिए त्योहारों में ऑनलाइन खरीदारी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

जरूरत से ज्यादा डिस्काउंट दिखे तो हो जाएं सतर्क

सोशल मीडिया पर अगर किसी महंगे स्मार्टफोन या गैजेट पर 70-80 प्रतिशत छूट दिख रही है, तो तुरंत भरोसा न करें. कई फर्जी साइट्स महंगे प्रोडक्ट बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा करती हैं. उनका मकसद सामान भेजना नहीं, बल्कि पेमेंट लेकर गायब होना होता है. खरीदने से पहले कीमत को ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट या भरोसेमंद शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर जरूर जांचें. वेबसाइट पर दिखने वाले उल्टे टाइमर और ‘केवल 3 आइटम बचे हैं’ जैसे मैसेज भी आपको जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए दिखाए जा सकते हैं.

फ्री गिफ्ट और लकी ड्रॉ के मैसेज से बचें

WhatsApp या SMS पर आईफोन, सोने का सिक्का या शॉपिंग वाउचर जीतने का मैसेज आए, तो सावधान रहें. ऐसे मैसेज के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आपकी निजी और कार्ड से जुड़ी जानकारी चोरी हो सकती है. याद रखें, इनाम पाने के लिए UPI PIN या OTP बताने की जरूरत नहीं होती. कोई अनजान पेज इनकी मांग करे, तो उसे तुरंत बंद कर दें.

नकली वेबसाइट और ऐप की ऐसे करें पहचान

ठग मशहूर शॉपिंग वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली साइट बना लेते हैं. उनके URL में अक्सर एक-दो अक्षरों का फर्क होता है. पेमेंट से पहले वेबसाइट का पता, Contact Us और रिटर्न पॉलिसी जरूर देखें. अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें. ऐप हमेशा Google Play Store या Apple App Store से ही इंस्टॉल करें.

डिलीवरी और कस्टमर केयर के नाम पर भी ठगी

पार्सल अटकने या एड्रेस अपडेट करने के नाम पर आए मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें. कस्टमर केयर नंबर भी कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप से ही लें. किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN या फोन का स्क्रीन-शेयरिंग एक्सेस न दें. ऑर्डर की जानकारी हमेशा शॉपिंग ऐप में जाकर जांचें.

ऑनलाइन शॉपिंग को सुरक्षित रखने के तरीके

  • वेबसाइट का पता खुद टाइप करें या ऑफिशियल ऐप से खरीदारी करें.
  • प्लेटफॉर्म के सुरक्षित पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करें.
  • नई साइट से खरीदने से पहले उसके रिव्यू जांचें.
  • हर अकाउंट के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें.
  • टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें.
  • बहुत ज्यादा छूट या जल्दबाजी के दबाव में पेमेंट न करें.

ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर आपको लगे कि आपके साथ फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत बैंक को कॉल करके कार्ड या अकाउंट ब्लॉक करवाएं. संबंधित अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें और कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड की है, तो उसे हटा दें. इसके बाद cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें. जल्दी शिकायत करने से पैसे को रोकने की संभावना बढ़ सकती है.

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