पाइनएप्पल से इतनी नफरत कि नौकरी तक दांव पर लगा दी, शेफ के हाथों से गई लाखों की Job

पिज्जा पर पाइनएप्पल डालना चाहिए या नहीं, इस बात को लेकर दुनिया भर में अक्सर बहस होती रहती है. कुछ लोगों को पिज्जा पर पाइनएप्पल का स्वाद पसंद आता है, तो कुछ इसे पिज्जा के साथ एक तरह का मजाक मानते हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक इटालियन शेफ के लिए यह बहस इतनी भारी पड़ गई कि उसे अपनी नौकरी तक गंवानी पड़ी. इतना ही नहीं, नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ शुरू की गई उसकी कानूनी लड़ाई को भी बड़ा झटका लगा है.
मामला ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन शहर के La Costa रेस्टोरेंट का है. यहां डेविडे टैंबुरेला (Davide Tamburella) हेड शेफ के तौर पर काम करते थे. बताया जाता है कि उन्होंने एक खास प्राइवेट पार्टी के लिए हैम और पाइनएप्पल वाला पिज्जा बनाने से साफ इनकार कर दिया था. शेफ का मानना था कि पिज्जा पर पाइनएप्पल डालना उनकी इटालियन संस्कृति का अपमान है.
एक पिज्जा के लिए नौकरी से धोना पड़ा हाथ
दरअसल, जिस ग्राहक ने रेस्टोरेंट में यह पार्टी बुक की थी, उसने अपने मेहमानों के लिए हैम और पाइनएप्पल पिज्जा की मांग की थी. यह कोई छोटी-मोटी बुकिंग भी नहीं थी. इस पूरे आयोजन का ऑर्डर 15,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से ज्यादा का था, जिसे आप इंडियन करेंसी में देखें तो ये तकरीबन 9 लाख रुपये बैठती है. इसके बावजूद टैंबुरेला अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने पिज्जा बनाने से मना कर दिया.
ये पहली बार नहीं था जब शेफ ने इस तरह की मांग ठुकराई हो. फेयर वर्क कमीशन में दर्ज जानकारी के मुताबिक, पिछले चार साल में वह दो बार पहले भी ऐसे निर्देश मानने से इनकार कर चुके थे. यानी यह तीसरा मौका था जब उन्होंने पाइनएप्पल वाला पिज्जा बनाने से मना किया. इससे पहले एक बार उन्होंने अपने बॉस से यहां तक कहा था कि वह पता करें कि इटली के लोगों के लिए पिज्जा पर पाइनएप्पल न डालना कितना मायने रखता है. इस घटना के करीब दो हफ्ते बाद, 20 मई को रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया. इससे पहले मैनेजमेंट के साथ एक मीटिंग भी हुई थी, जिसमें उनके व्यवहार और काम करने के तरीके को लेकर कई सवाल उठाए गए थे.
हालांकि, टैंबुरेला ने अपनी बर्खास्तगी को गलत बताया. उनका दावा था कि उन्हें नौकरी से निकालने के पीछे सिर्फ पिज्जा वाला विवाद नहीं था, बल्कि वर्कप्लेस पर लगी चोट भी इसकी एक वजह हो सकती है. उन्होंने बताया कि एक बार मेटल की रेलिंग पर हाथ मारने के कारण उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया था. शेफ ने इस मामले को भी अपनी शिकायत का हिस्सा बनाया.

नौकरी जाने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के फेयर वर्क कमीशन में अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ एप्लीकेशन दिया, लेकिन यहां उन्हें निराशा हाथ लगी. कमीशन ने उनकी शिकायत पर सुनवाई करने से मना कर दिया. इसकी वजह ये थी कि उन्होंने तय समय सीमा के बाद आवेदन किया था. इसके साथ ही, देरी को सही ठहराने के लिए दिए गए कारण भी एबनॉर्मल सिचुएशन की कैटेगरी में नहीं आते थे. कमीशन ने मंगलवार को अपना फैसला जारी किया. हालांकि, इस फैसले में यह नहीं कहा गया कि रेस्टोरेंट का उन्हें नौकरी से निकालना सही था या गलत. आयोग ने केवल समय सीमा से जुड़ी शर्तों के आधार पर उनके एप्लीकेशन को रिजेक्ट किया.
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इस पूरे मामले पर La Costa के मैनेजिंग डायरेक्टर इलियट इंग्राम ने डेली मेल से बातचीत में कहा कि इस कहानी में सिर्फ पिज्जा की टॉपिंग से कहीं ज्यादा बातें थीं. उनके मुताबिक, शेफ के खिलाफ Disciplinary Action के दौरान कई अन्य मुद्दे भी सामने आए थे. दिलचस्प बात यह है कि अब La Costa रेस्टोरेंट भी बंद हो चुका है. वहीं, टैंबुरेला ने अपना किचन नहीं छोड़ा है. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह अब ब्रिस्बेन के वेस्ट एंड इलाके में स्थित इटालियन रेस्टोरेंट Don Gino में हेड शेफ के तौर पर काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस रेस्टोरेंट के मेन्यू में पाइनएप्पल वाला पिज्जा शामिल नहीं है.




