12वीं के बाद ITI या पॉलिटेक्निक, क्या है करियर के लिए सही?

12वीं के बाद करियर के लिए सही कोर्स चुनना छात्रों के लिए एक अहम फैसला होता है. खासकर वो छात्र जो कम फीस में टेक्निकल एजुकेशन हासिल करके जल्द नौकरी पाना चाहते हैं, उनके लिए ITI, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा जैसे कोर्स उपयोगी विकल्प हो सकते हैं. इन कोर्सों के जरिए छात्र अपने इंटरेस्ट और क्वालिफिकेशन के अनुसार टेक्निकल स्किल सीख सकते हैं. हालांकि, इनकी अवधि, ट्रेनिंग और नौकरी के अवसर अलग-अलग होते हैं. ऐसे में एडमिशन लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन सा कोर्स आपके करियर लक्ष्य के लिए ज्यादा उपयुक्त रहेगा.
ITI कोर्स से सीख सकते हैं टेक्निकल काम
ITI यानी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट उन छात्रों के लिए अच्छा विकल्प है, जो कम समय में कोई तकनीकी काम सीखकर नौकरी करना चाहते हैं. इस कोर्स में किताबी पढ़ाई के मुकाबले प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.
योग्यता और अवधि: ITI के कई ट्रेड में 8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र एडमिशन ले सकते हैं. कोर्स की अवधि ट्रेड के अनुसार 6 महीने से 2 साल तक होती है.
नौकरी के अवसर: इसमें इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे ट्रेड शामिल हैं. कोर्स पूरा करने के बाद रेलवे, बिजली विभाग, रक्षा क्षेत्र और निजी कंपनियों में नौकरी के अवसर मिल सकते हैं. शुरुआती सैलरी लगभग 12,000 से 35,000 रुपये प्रतिमाह हो सकती है.
पॉलिटेक्निक से बन सकते हैं जूनियर इंजीनियर
पॉलिटेक्निक उन छात्रों के लिए उपयोगी है, जो इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इसमें थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है.
योग्यता और अवधि: 10वीं के बाद पॉलिटेक्निक डिप्लोमा सामान्यतः 3 साल का होता है. कुछ संस्थानों में 12वीं साइंस या ITI के बाद लेटरल एंट्री के जरिए सीधे दूसरे वर्ष में एडमिशन मिल सकता है.
करियर विकल्प: डिप्लोमा पूरा करने के बाद छात्र जूनियर इंजीनियर (JE) सहित अलग-अलग तकनीकी पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. शुरुआती सैलरी लगभग 1.2 लाख से 4.2 लाख रुपये सालाना हो सकती है. वेतन पद, कंपनी और एक्सपीरियंस पर निर्भर करता है.
डिप्लोमा कोर्स से भी बना सकते हैं करियर
डिप्लोमा कोर्स कंप्यूटर, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं. इनकी अवधि कोर्स के अनुसार अलग-अलग होती है. जो छात्र किसी खास क्षेत्र में स्किल हासिल करके जल्दी काम शुरू करना चाहते हैं, वो इस विकल्प पर विचार कर सकते हैं.
कौन सा कोर्स चुनना रहेगा बेहतर?
अगर आप कम समय में तकनीकी काम सीखकर नौकरी करना चाहते हैं तो ITI अच्छा विकल्प हो सकता है. इंजीनियरिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने और जूनियर इंजीनियर जैसे पदों के लिए तैयारी करने की इच्छा है, तो पॉलिटेक्निक चुन सकते हैं. वहीं, किसी खास क्षेत्र में एक्सपर्टीज हासिल करने के लिए डिप्लोमा कोर्स उपयोगी हो सकता है.
एडमिशन लेने से पहले संस्थान की मान्यता, फीस, एलिजिबिलिटी, ट्रेनिंग की सुविधा और प्लेसमेंट रिकॉर्ड को जरूर चेक करें. ध्यान रखें कि नौकरी और सैलरी की गारंटी किसी कोर्स से नहीं मिलती. सही विकल्प वही है, जो आपके इंटरेस्ट, आर्थिक स्थिति और भविष्य के करियर लक्ष्य से मेल खाता हो.




