उत्तर प्रदेश

AC, TV और फ्रिज की वारंटी बढ़वाने से पहले रुकें! कहीं छोटी-सी शर्त के नाम पर आपसे तो नहीं वसूले जा रहे ज्यादा पैसे?

जब भी आप नया AC, TV, फ्रिज, लैपटॉप या कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने जाते हैं, तो दुकानदार अक्सर आपको एक्सटेंडेड वारंटी लेने की सलाह देता है. ऑनलाइन शॉपिंग करते समय भी प्रोडक्ट के साथ कुछ अतिरिक्त पैसे देकर वारंटी बढ़ाने का ऑप्शन दिखाई देता है. कई बार सेल्समैन इस तरह समझाते हैं कि अगर आपने एक्सटेंडेड वारंटी नहीं ली तो आगे चलकर आपको बड़ा नुकसान हो सकता है. लेकिन क्या सच में इस पर पैसे खर्च करना जरूरी है? या फिर यह कंपनियों के लिए कमाई का एक और तरीका है? आइए समझते हैं कि एक्सटेंडेड वारंटी क्या होती है और इसे खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

क्या होती है एक्सटेंडेड वारंटी?

जब आप कोई नया इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट खरीदते हैं तो कंपनी उसके साथ एक तय समय की वारंटी देती है. आमतौर पर यह अवधि 1 या 2 साल की होती है। इस दौरान प्रोडक्ट में कोई खराबी आने पर कंपनी तय शर्तों के मुताबिक उसे ठीक करने या खराब पार्ट बदलने की सुविधा देती है.

एक्सटेंडेड वारंटी इसी समय को आगे बढ़ाने का विकल्प है. यानी अगर कंपनी आपके AC या फ्रिज पर 2 साल की वारंटी दे रही है तो आप अतिरिक्त पैसे देकर इसे 1 या 2 साल और बढ़वा सकते हैं. इसके लिए अलग से चार्ज देना पड़ता है.

एक्सटेंडेड वारंटी लेने के क्या फायदे हैं?

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि वारंटी की बढ़ी हुई अवधि के दौरान प्रोडक्ट खराब होने पर उसकी मरम्मत का खर्च बच सकता है. कुछ प्लान में खराब पार्ट बदलने या सर्विसिंग की सुविधा भी मिलती है. हालांकि, यह सब आपके चुने हुए वारंटी प्लान की शर्तों पर निर्भर करता है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि एक्सटेंडेड वारंटी को लेकर सरकार की तरफ से कोई एक जैसा नियम तय नहीं है. अलग-अलग कंपनियां और सर्विस प्रोवाइडर अपनी शर्तों के हिसाब से ये प्लान देते हैं. इसलिए इसे खरीदने से पहले यह जानना जरूरी है कि इसमें कौन-कौन सी खराबियां कवर होंगी.

कंपनियों को कैसे होता है फायदा?

एक्सटेंडेड वारंटी से सिर्फ ग्राहकों को ही नहीं, कंपनियों को भी कमाई होती है. ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट शुरुआती वारंटी के दौरान खराब नहीं होते. ऐसे में ग्राहक से अतिरिक्त पैसे लेने के बाद भी कंपनी को मरम्मत पर खर्च नहीं करना पड़ता.

इसके अलावा, वारंटी बढ़वाने वाले ग्राहक आमतौर पर रिपेयर के लिए कंपनी के रजिस्टर्ड सर्विस सेंटर पर ही जाते हैं. इससे कंपनी के सर्विस नेटवर्क को भी फायदा मिलता है.

वारंटी लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

एक्सटेंडेड वारंटी खरीदने से पहले पता करें कि इसे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी दे रही है या कोई थर्ड पार्टी और रिटेलर. इसकी शर्तें, कवरेज और क्लेम करने का तरीका भी अच्छी तरह समझें.

कई बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या दुकानदार वारंटी बेच तो देते हैं, लेकिन प्रोडक्ट खराब होने पर क्लेम के दौरान ग्राहकों को परेशानी होती है. इसलिए सिर्फ सेल्समैन की बातों में आकर पैसे खर्च न करें. पहले यह जांचें कि वारंटी में क्या शामिल है, कितने समय तक मिलेगी और सर्विस कहां से मिलेगी. इसके बाद ही फैसला करें कि एक्सटेंडेड वारंटी आपके लिए फायदेमंद है या नहीं.

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