Maatrubhumi: चीन के खिलाफ नहीं है फिल्म…सलमान खान ने स्क्रिप्ट में सरकारी बदलाव की खबरों को किया खारिज

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और निर्देशक अपूर्व लखिया की बहुचर्चित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की जब से घोषणा हुई है, तब से यह फिल्म सुर्खियों में बनी हुई है. साल 2025 में जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी, तब इसका नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था और यह 2020-2021 के भारत-चीन सीमा विवाद पर आधारित बताई जा रही थी. हालांकि, नाम बदलने और स्क्रिप्ट में बड़े बदलावों के बाद इंटरनेट पर यह अफवाहें तेजी से फैलने लगीं कि भारतीय सरकार के दबाव में आकर मेकर्स ने फिल्म की कहानी बदली है. शुक्रवार को मुंबई में आयोजित फिल्म ‘मातृभूमि’ के भव्य ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान सलमान खान ने इन सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए सच का खुलासा किया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सलमान खान से पूछा गया कि ‘बजरंगी भाईजान’ (2015) जैसी क्रॉस-बॉर्डर शांति और एकता का संदेश देने वाली फिल्म करने के बाद वे चीन के साथ युद्ध पर आधारित फिल्म क्यों कर रहे हैं और क्या सरकार ने स्क्रिप्ट में बदलाव करवाए हैं? इस पर सलमान ने बेबाकी से जवाब दिया.
सरकार ने कोई दबाव नहीं बनाया
सलमान ने कहा, “ये पूरा नैरेटिव कि हम चीन के खिलाफ जा रहे हैं या हमारी सरकार ने हम पर दबाव बनाकर स्क्रिप्ट बदलवाई या दोबारा लिखवाई है… ये सब बकवास है. इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है.” अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सलमान ने फिल्म के मूल भाव को समझाया, “हमने ये फिल्म सैनिकों और उनके परिवारों पर बनने वाले दबाव और उनके दर्द को दर्शाने के लिए बनाई है. हमने इस तरफ (भारत) का पहलू भी दिखाया है और उस तरफ का भी. इसमें कोई ‘नेगेटिव फोर्स’ (नकारात्मक ताकत) नहीं है, बल्कि हालात ही ऐसे बन जाते हैं. सैनिकों के लिए उनका देश सबसे पहले आता है. वे एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, लेकिन जब ऐसी परिस्थितियां आती हैं तो दोनों पक्ष समाधान निकालने की कोशिश करते हैं. लेकिन फिर भी बात नहीं बनती, तब दोनों को अपने देश के लिए एक दूसरे से टकराना पड़ता है.”
कुछ और थी निर्देशक की पहली स्क्रिप्ट?
हालांकि, बातचीत के दौरान सलमान ने मुस्कुराते हुए यह जरूर स्वीकार किया कि निर्देशक अपूर्व लखिया का शुरुआती आइडिया कुछ और ही था. एक खामोश पॉज के साथ सिर हिलाते हुए सलमान ने कहा, “हमारे डायरेक्टर का पहला वर्ज़न थोड़ा अलग था…” ये सुनते ही मंच पर मौजूद सह-कलाकार हंस पड़े. सलमान खान ने स्पष्ट किया कि ‘मातृभूमि’ कोई बायोपिक नहीं है। यह फिल्म उनके पिता और मशहूर पटकथा लेखक सलीम खान द्वारा कही गई एक बात से प्रेरित है. सलमान ने बताया, “मेरे पिता ने एक बार मुझसे कहा था कि युद्ध में जब कोई गोली अपने निशाने पर लगती है, तो वो सीधे सैनिक की मां के दिल तक पहुंचती है. यही विचार हमारी फिल्म की आत्मा है.”
जैकी चैन की फिल्म से हमारी सेना हमला नहीं करती…
जब एक रिपोर्टर ने सीधे तौर पर पूछा कि क्या ये फिल्म चीन के खिलाफ बनाई गई है और इससे भारत-चीन के रिश्तों पर असर पड़ेगा? तो सलमान खान ने अपने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया. सलमान ने कहा, “मैं बस एक ऐसी फिल्म चाहता था जो ‘मैन ऑन मैन’ (आमने-सामने के इंसानी संघर्ष) पर आधारित हो. हां, इसमें चीनी और हम (भारतीय) शामिल हैं, जिससे लोगों ने अंदाजा लगाया कि ये हमारे संबंधों को खराब कर देगी. लेकिन मुझे नहीं लगता कि सलमान खान के फिल्म बनाने से चीन वाले अब यह कहेंगे कि सलमान ने फिल्म बनाई है, चलो उन पर हमला कर देते हैं! अगर हॉलीवुड या चीन में जैकी चैन कोई फिल्म बनाते हैं, तो क्या हमारी सेना उन पर हमला कर देती है? बिल्कुल नहीं.”




